वर्ष 2026 के प्रमुख भारतीय त्योहारों की तिथियाँ, महत्व और उनके उत्सवों का अन्वेषण करें।
पौष माह की पूर्णिमा का दिन, जिसके बाद माघ मास का शुभारंभ होता है। इस दिन पवित्र स्नान और आध्यात्मिक साधना अत्यंत फलदायी मानी जाती है।
सूर्य के मकर राशि में संक्रमण का पर्व, जिसे तिल-गुड़, खिचड़ी और पतंगबाजी के साथ मनाया जाता है।
बसंत ऋतु के स्वागत और ज्ञान व कला की देवी सरस्वती की पूजा का दिन। लोग पीले वस्त्र पहनते हैं।
26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू होने की याद में मनाया जाने वाला राष्ट्रीय पर्व।
भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का पर्व – भक्त पूरे दिन का व्रत रखते हैं और रातभर जागरण करते हैं।
रंगों का त्योहार – बुराई पर अच्छाई की जीत और वसंत आगमन का उत्सव।
भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव का पर्व – मंदिरों में विशेष पूजा और रामायण पाठ आयोजित होता है।
भारत की आज़ादी का राष्ट्रीय पर्व – ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और देशभक्ति समारोह।
भाई-बहन के स्नेह और सुरक्षा के पवित्र बंधन का त्योहार – बहन भाई की कलाई पर राखी बांधती है।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव – मंदिरों में झूला सजाया जाता है और रात्रि में जन्मोत्सव मनाया जाता है।
विघ्नहर्ता गणेश जी के जन्मोत्सव का पर्व – घरों और पंडालों में प्रतिमा स्थापित कर पूजा की जाती है।
देवी दुर्गा के नौ रूपों की साधना और उपासना का प्रारंभ – श्रद्धालु व्रत रखते हैं और गरबा-डांडिया आयोजित होते हैं।
रावण दहन और भगवान राम की विजय का उत्सव – बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक।
विवाहित स्त्रियाँ पति की दीर्घ आयु के लिए व्रत रखती हैं और चंद्र दर्शन उपरांत व्रत का पारण करती हैं।
धन्वंतरि जयंती – इस दिन सोना-चांदी और बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है।
प्रकाश का पर्व – भगवान राम की अयोध्या वापसी की स्मृति में मनाया जाता है। घरों में दीपक, रंगोली और सजावट की जाती है।
भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा की स्मृति में, घरों में अन्नकूट और अन्नदान किया जाता है।
सूर्य उपासना का महान पर्व – डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है, व्रती 36 घंटे निर्जला व्रत रखते हैं।
तुलसी माता और शालिग्राम (भगवान विष्णु) के विवाह का शुभ दिन – घरों में पूजा और विवाह अनुष्ठान किया जाता है।